January 20, 2022

क्या आप जानते है कि कौन थे महाभारत काल के सबसे शक्तिशाली योद्धा?

क्या आप जानते है कि कौन थे महाभारत काल के सबसे शक्तिशाली योद्धा?

महाभारत को इतिहास का सबसे बड़ा धर्मयुद्ध माना जाता है, जिसमे लाखों लोगों ने अपने प्राण गवाएं, वैसे तो इस युद्ध में एक से एक महाशक्तिशाली योद्धाओं में भाग लिया था जिनको अजेय माना जाता था। महाभारत काल में योद्धाओं के पास ऐसे ऐसे शास्त्र थे जिनसे पल भर में पृथ्वी नष्ट हो जाय।
आज हम जानते है की महाभारत काल के पांच महाशक्तिशाली योद्धा कौन थे।

शिवजी ने सतरूपा को ब्रह्माजी की कुदृष्टि से बचाने के लिए काटा पाँचवा सिर

अर्जुन – महाभारत के युद्ध में शक्तिशाली योद्धा के रूप में अर्जुन को भी जाना जाता है। माना जाता है कि अर्जुन के पास कई अस्त्रों का ज्ञान था। कहते हैं कि जब अर्जुन को चुनाव का मौका दिया गया कि वो कृष्ण की नारायणी सेना को चुने या स्वयं निशस्त्र कृष्ण को तो उन्होंने कृष्ण का चुनाव किया। यह महाभारत का सबसे बड़ा निर्णय था। अर्जुन ने ही कौरवों की आधी से अधिक सेना को मारा। इनमें भीष्म और कर्ण भी शामिल थे।

अध्यात्म के लिए विश्वविख्यात ऋषिकेश में आकर अगर यह नहीं देखा तो क्या देखा

द्रोणाचार्य – द्रोणाचार्य ने ही दोनों तरफ के सेनाओं को ज्ञान दिया था। इनके पास हर अस्त्र को चलाने का ज्ञान था। इसमें नारायण अस्त्र, पाशुपतास्त्र और ब्रह्मास्त्र भी शामिल है। वैसे तो युद्ध में द्रोणाचार्य को कभी सीधे पराजित नहीं किया जा सकता था। तब श्रीकृष्ण ने भीम से कहकर एक अश्वत्थामा नामक हाथी को मरवा दिया और हर तरफ खबर फैला दी कि अश्वत्थामा मारा गया। यह सुनकर द्रोणाचार्य ने हथियार डाल दिए और तब ध्रितधुम्न ने छल से द्रोणाचार्य का वध कर दिया।

कर्ण – दानवीर कर्ण को उनके कवच और कुंडल के साथ कभी भी हराया नहीं जा सकता था। कहते हैं कि पहले छल से कर्ण के कवच-कुंडल का त्याग करवाया गया। उसके बाद भी युद्ध में कर्ण से जीतना असंभव था। कहते हैं कि जब कर्ण का रथ एक गड्ढे में फंसा तब छल से अर्जुन ने कर्ण का वध किया। कर्ण को वरदान मिला था कि उसके कवच और कुंडल को दुनिया का कोई भी अस्त-शस्त्र नहीं भेद सकता था। कर्ण ने युद्ध में नकुल, सहदेव, युधिष्ठिर और भीम को भी हराया था। लेकिन उन्हें मारा नहीं क्योंकि कर्ण ने प्रतिज्ञा की थी कि वो सिर्फ अर्जुन को छोड़कर अपने भाइयों को नहीं मारेगा।

जब भूमि में समा गए थे भोलेनाथ, आइये जाने पूरी कहानी

भीष्म – महाभारत के युद्ध में भीष्म को हराना असंभव था। भीष्म को वरदान मिला था की उनकी जान उनकी इच्छा के विरुद्ध नहीं ली जा सकती थी। दस दिनों तक युद्ध में पांडव भी समझ चुके थे कि भीष्म को हराना असंभव है। कहते हैं कि भीष्म ने महर्षि परशुराम को भी हराया था। जो कि विष्णु के अवतार थे। तब शिखंडी को आगे कर अर्जुन ने भीष्म पर सैकड़ों बाण दागे। और भीषण तीरों के बिस्तर में फंस गए। तब उन्होंने अपनी इच्छा से देह का त्याग दिया।

श्रीकृष्ण – महाभारत के सबसे शक्तिशाली योद्धा श्रीकृष्ण थे। वे स्वयं नारायण थे, उन्होंने महाभारत के युद्ध में कोई भी हथियार इस्तेमाल नहीं किया था। श्रीकृष्ण सिर्फ अपनी रणनीति से वो इतने महान योद्धाओं को मात दे पाए। किन्तु यदि भगवान श्रीकृष्ण हथियार उठा लेते तो सिर्फ अपने सुदर्शन चक्र से करवों की पूरी सेना का विनाश कर देते। क्योंकि कृष्ण के सामने कोई भी योद्धा अमर नहीं था।

 

यत्र योगेश्वर: कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धर: ।
तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम ।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.